Pinkshayari.blogspot.com क्या उम्दा प्रबंधन है..। जूता पहले बना लिया और पैर का नाप बाद में ले रहे हैं। नोट बनाने के बाद पता चल रहा है कि मशीन में फिट ही
क्या उम्दा प्रबंधन है..। जूता पहले बना लिया और पैर का नाप बाद में ले रहे हैं। नोट बनाने के बाद पता चल रहा है कि मशीन में फिट ही नहीं हो पाएगा।ऐसा निकम्मा तो मुहल्ले का दर्जी भी नहीं होता। सिलने से पहले कम से कम कुर्ते का नाप तो लेता है..।।--------------
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