Aha !! zindagi:पैसा उगलने वाली वो मशीनें, जो हमारी ज़िंदगी में इस क़दर रच-बस गई थीं कि दो दिन बंद रहीं, तो ज़िंदगी रुक सी गई और खुलीं तो सिर्फ़ क़तार ही क़तार नज़र आई
पैसा उगलने वाली वो मशीनें, जो हमारी ज़िंदगी में इस क़दर रच-बस गई थीं कि दो दिन बंद रहीं, तो ज़िंदगी रुक सी गई और खुलीं तो सिर्फ़ क़तार ही क़तार नज़र आई
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